Youtube se paisa kaise kamaye

नमस्कार दोस्तों , आज हम बात करने वाले हैं , की Youtube se paisa kaise kamaye जाएं ,
ये जानने के लिए हमे सबसे पहले यह समझना होगा कि आखिर यूट्यूब किस बला का नाम है ?

Youtube इंन्ट्रोडक्सन 

Youtube se paisa kaise kamaye
Credit : freepik.com

Youtube एक ऑनलाइन वीडियो शेयरिंग और कॉन्ट्रिब्यूशन प्लेटफार्म और सोशल मीडिया प्लेटफार्म है
यूट्यूब में हम किसी भी चीज से संबंधित वीडियो बनाकर उपलोड कर सकते हैं

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और हमारे द्वारा उपलोड किया गया वीडियो दुनिया के किसी भी कोने में बैठा कोई भी व्यक्ति इंटरनेट की सहायता से देख सकता है , और उसे लाइक या डिस्लाइक कर सकता है

उसमे कमेंट कर सकता है , शेयर भी कर सकता है ।
इसी प्रकार से हम भी किसी दूसरे क्रिएटर द्वारा उपलोड की गई वीडियोज को भी देख सकते हैं

और पसंद अनुसार उसे लाइक या डिस्लाइक कर सकते हैं , उसमे टिप्पणी भी कर सकते हैं
खास बात यह है कि आज के समय मे यह काफी फेमस हो चुका है ,

और कुछ देशों को छोड़कर लगभग पूरी दुनिया मे इसका उपयोग किया जाता है ।

Youtube का इतिहास –

यूट्यूब की स्थापना 14 फरवरी सन 2005 में तीन दोस्तों , चैड हार्ले , स्टीव चेन और करीम जावेद ने मिलकर की थी।और इनमे से एक करीम जावेद ने ही यूट्यूब पर पहला वीडियो me at the zoo नामक टाइटल से उपलोड किया था,

जो अभी भी यूट्यूब पर उपलब्ध है,और उसे अभी भी यूट्यूब पर देखा जा सकता है ।

Youtube और गूगल – 

यूट्यूब एक बहुत ही बढ़िया वीडियो शेयरिंग वेबसाइट है , इस बात का अंदाजा गूगल को हो चुका था,
अतः इस बात का महत्व समझते हुए गूगल ने 10 अक्टूबर सन 2006 में यूट्यूब को 1.65 बिलियन usd में खरीदा था ।

Youtube पार्टनर प्रोग्राम क्या है? 

Youtube se paisa kaise kamaye

गूगल ने जब Youtube को खरीदा उसके बाद से यूट्यूब की पॉपुलैरिटी दिन व दिन लगातार बढ़ती ही जा रही थी
इसलिए इस बात को समझते हुए गूगल ने यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम की शुरुआत की थी ।

यह दरअसल गूगल द्वारा यूट्यूब से व्यापार कर के रेवेन्यू जनरेट करने और यूट्यूब को और अधिक पॉपुलर और उपयोगी बनाये जाने का एक प्रस्ताव था ,
जिसके माध्यम से वीडियो बनाने वाले क्रिएटर्स को आय का एक साधन प्राप्त हुआ ,

Youtube पार्टनर प्रोग्राम कब और कहां शुरू हुआ  

यू ट्यूब की शुरुआत यूट्यूब के हेडक्वार्टर में सन 2007 में शुरू किया गया था  ।

Youtube पार्टनर प्रोग्राम कैसे काम करता है 

यह कुछ इस प्रकार से काम करता है,की जब किसी कंपनी, व्यापारी या किसी व्यक्ति को अपनी कंपनी या प्रोडक्ट और सर्विसेस का प्रचार करवाना होता है ,

वह यूट्यूब एड्स में अपना एकाउंट बनाकर Youtube में अपने प्रोडक्ट और सेवाओं का प्रचार करवाता है
इससे एडवर्टिजर , कंपनी या जिसने भी एडवटाइजिंग करवाई है,

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उसके प्रोडक्ट और सर्विसेस की मांग या बिक्री बढ़ जाती है और कंपनी को फायदा होता है।
और इसके बदले एडवरटाइजर से कंपनी द्वारा एड्स चलाने के हिसाब से पेमेंट ले ली जाती है,

अब इन कंपनी के एड्स उनके प्रोडक्ट और सर्विसेज के हिसाब से जो क्रिएटर या यूटुबर जिस कैटेगरी का वीडियो बनाता है

उस हिसाब से उसके वीडियोज पर वीडियो देखने वाले व्यूअर को एड्स दिखाए जाते हैं,
और एडवरटाइजर द्वारा जो पेमेंट गूगल की जाती है|

उसका 65 प्रतिशत यूटुबर या क्रिएटर को दे दी जाती है और 45 प्रतिशत गूगल खुद रख लेता है
इस प्रकार से Youtube और क्रिएटर दोनों की कमाई एड्स रेवेन्यू द्वारा होती है ।

Youtube पार्टनर प्रयोग में हिस्सा कैसे लें 

इस पार्टनर प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए एलीजिबली यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए सभी नियम एवम शर्तों को पूरा करते हुए उसके सभी मानक पैमानों पर खरा उतरना पड़ता है,

Youtube के कुछ मुख्य नियम शर्ते और पैमाने निम्न प्रकार से हैं ।
सबसे पहले तो यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए इक्षुक व्यक्ति का यूट्यूब पर चैनल होना चाहिए ।

Youtube की सभी नियम और शर्तों ( terms and conditions ) का पालन करना होगा ।
क्रिएटर का चैनल उसके मोबाइल नंबर और ईमेल से वेरीफाई होना चाहिए ।

जिस भी ईमेल आईडी से अपना चैनल बनाया हो उस ईमेल आईडी पर टू स्टेप वेरिफकेशन चालू होना चाहिए ।
क्रिएटर द्वारा उसके चैनल पर वीडियो अपलोड होने चाहिए

और उन पर कोई कॉपीराइट क्लेम या कॉपीराइट स्ट्राइक नहीं होनी चाहिए ।
क्रिएटर द्वारा अपलोड किए गए वीडियो किसी दूसरे क्रिएटर की कॉपी या हू – बहू वीडियो नहीं होनी चाहिए

और उसका वीडियो बिल्कुल यूनिक और ओरिजिनल होना चाहिए ।
क्रिएटर द्वारा अपलोड किए गए वीडियो में यदि कोई फोटो या वीडियो या ऑडियो या म्यूजिक फाइल या किसी गाने का इस्तेमाल किया गया हो, तो वह भी कॉपीराइट फ्री होना चाहिए

अन्यथा क्रिएटर की वीडियो मोनेटाइज नहीं होगी ,
और उसके चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक या कॉपीराइट क्लेम आ सकता है,
जो कि उसके चैनल को परमानेंटली डिलीट करवा सकता है ।

मोनेटाइजेशन कैसे करे 

उपर्युक्त कुछ मुख्य बातों के अलावा क्रिएटर या यूट्यूबर के चैनल पर कम से कम 1 साल में 1000 सब्सक्राइबर्स होने चाहिए, और कम से कम 4000 घंटे का वॉच टाइम पूरा होना चाहिए,

तभी वह यूट्यूबर या क्रिएटर अपने चैनल को Youtube पार्टनर प्रोग्राम में मोनेटाइजेशन के लिए अप्लाई कर सकता है ।

जैसे ही किसी क्रिएटर या यूट्यूबर का यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम के लिए अप्रूवल हो जाता है

तो गूगल द्वारा संबंधित क्रिएटर या यूट्यूबर का एक ऐडसेंस अकाउंट बना दिया जाता है और वह यूट्यूब पर अपने ऐडसेंस अकाउंट पर अपना बैंक अकाउंट नंबर ऐड करके वेरीफाई करता है

और वह उसके बाद यूट्यूब से एड रेवेन्यू जनरेट करने लगता है,
और जैसे ही क्रिएटर के ऐडसेंस अकाउंट पर $100 कंप्लीट होते हैं
वैसे ही वह पैसे उस क्रिएटर के बैंक अकाउंट में क्रेडिट हो जाते हैं या आ जाते हैं ।

क्रिएटर यूट्यूब

सन 2018 से पहले यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम के लिए एलिजिबल होने के लिए किसी क्रिएटर या यूट्यूबर को एक साल में 1000 सब्सक्राइबर और 4000 घंटे वाच टाइम पूरा करने की शर्त को पूरा करने की आवश्यकता नही होती थी ,

क्योकि सन 2018 से पहले यूट्यूब द्वारा ऐसी किसी भी शर्त को निर्धारित नही किया गया था,

परंतु यूट्यूब पर बहुत ज्यादा चैनल बनने और उन पर वीडियो अपलोड होने के कारण Youtube ने सन 2018 में यूट्यूब पार्टनर प्रयोग में हिस्सा लेने के लिए इस एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया का निर्धारण कर इसे लागू किया ।

क्रिएटर द्वारा उसके चैनल पर किसी भी प्रकार का या किसी भी टॉपिक पर कोई भी वीडियो अर्थात अलग – अलग टॉपिक और कैटेगरी का वीडियो अपलोड ना किया गया हो ,

बल्कि यूट्यूबर को एक विशेष टॉपिक या निश या माइक्रो निश के टॉपिक्स पर अपना वीडियो बनाने पर जोर देना होगा ,अन्यथा उसके चैनल पर कितने भी अच्छे वीडियोस हों  और वीडियो पर कितने भी व्यूज हों ,

या उसके चैनल पर कितने भी सब्सक्राइबर हों , फिर भी उसका चैनल मोनेटाइज नहीं होगा
और संबंधित क्रिएटर यूट्यूब पाटनर प्रोग्राम में हिस्सा नहीं ले पाएगा ।

Youtube पर किस तरह का विडियो अपलोड़ करे| 

Youtube se paisa kaise kamaye

यदि Youtube पार्टनर प्रोग्राम में हिस्सा लेना है तो पोर्न वीडियोज या इस प्रकार का कोई भी वीडियो उपलोड नही करना चाहिए ।

ऐसी वीडियोज जो किसी भी जाति , धर्म , समुदाय , या किसी भी रंग , लिंग , या उम्र के व्यक्ति की भावनाओ को ठेस पहुचाये ऐसी वीडियोज उपलोड नही करनी चाहिए ।

 किसी भी प्रकार की ऐसी वीडियो जो किसी भी प्रकार से भड़काऊ हो ,
जिसकी वजह आम जनता में नाराजगी पैदा हो ऐसे वीडियोज नही उपलोड करने चाहिए ।

 ऐसे वीडियो जिसमे किसी नेता , राजनैतिक दल या किसी आम व्यक्ति का अपमान किया गया हो ,
किसी को जान बूझ कर निशाना बनाया गया हो ऐसे वीडियोज उपलोड न करें ।

डीजे , सांग , म्यूजिक , या ऐसा कोई भी वीडियो जिस पर आपका किसी भी प्रकार से कोई हक न हो उसे उपलोड न करे अन्यथा आपका एडसेंस एकाउंट भी बंद हो सकता है ।

फिल्मो या मूवीज की वीडियोज उपलोड न करें अन्यथा आपका चैनल बंद कर दिया जाएगा ।
क्रिकेट मैच या किसी भी अन्य स्पोर्ट्स और गेम्स की रिकॉर्डिंग उपलोड न करें ।

टेलीविजन सीरियल , धारावाहिक कार्यक्रम , नाटक , या कोई भी ऐसा वीडियो जो टेलीविजन पर आता हो उन्हें भी उपलोड न करें
अन्यथा चैनल पर कॉपीराइट स्ट्राइक आ जायेगी।

किसी दूसरे Youtube चैनल की वीडिया या उसकी वीडियो का कुछ हिस्सा भी उपयोग नही करना चाहिए

अन्यथा आपके चैनल पर कॉपीराइट क्लेम या कॉपीराइट स्ट्राइक आ सकती है ।
फेसबुक , इंस्टाग्राम , गूगल या अन्य किसी वेबसाइट से वीडियो डाऊनलोड करके यूट्यूब पर उपलोड न करें|
अन्यथा कॉपीराइट की समस्या उत्पन्न होगी ।

इसे भी पढ़े : What is Metaverse? Metaverse concept, he explained

यूट्यूब से पैसे कमाने के अन्य तरीके – 

दोस्तों अब तक हम ने इस बारे में बात की , की Youtube अपने क्रिएटर्स को वीडियो बनाने के बदले किस प्रकार स्वयं उनकी आर्थिक मदद करता है ,

जिसमे की हमने जाना कि यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में हिस्सा लेने की एलीजिबली पूरी करने के बाद क्रिएटर किस तरह से अपना एडसेंस एकाउंट बना सकता है

और अपने चैनल को मोनेटाइज करके यूट्यूब एड्स से पैसे कमा सकता है –

लेकिन अब हम बात करने वाले हैं , यूट्यूब एड्स रेवेन्यू के अलावा यूट्यूब की सहायता से एक क्रिएटर और किन – किन तरीको से पैसे कमा सकता है ।

एफिलिएट मार्केटिंग से –

एफिलिएट मार्केटिंग पैसा कमाने का एक ऐसा तरीका है , जिसकी मदत से हम अपने Youtube चैनल को मोनेटाइज किए बिना भी पैसे कमा सकते हैं , एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए बहुत सारी वेबसाइट उपलब्ध हैं , जिनमें से ऐमेज़ॉन और फ्लिपकार्ट प्रमुख है एफिलिएट मार्केटिंग करने के लिए हमें बस इतना करना है की अमेज़ॉन या फ्लिपकार्ट में अपना एफिलिएट एकाउंट बनाना है , और फिर वहां से किसी भी ऐसे प्रोडक्ट को चुनना है , जिस टाइप के व्यूअर आपने चैनल पर हैं , अब बस उस प्रोडक्ट का रेफर लिंक कॉपी करके अपने डिस्क्रिप्शन बॉक्स में डाल देना है , इसके बाद जब भी आपकी लिंक से कोई उस प्रोडक्ट को खरीदेगा तो 10 प्रतिशत तक का कमीसन आपको प्राप्त होगा ।

स्पांसरशिप से – 

एड रेवेन्यू और एफिलिएट मार्केटिंग के अलावा स्पांसरशिप भी Youtube से पैसे कमाने का एक जबरदस्त तरीका है –

अब स्पांसरशिप तो कई प्रकार की होती हैं , लेकिन मोटे तौर पर स्पांसरशिप में हमे कोई एडवरटाइजर या कोई ऐसी कंपनी या व्यक्ति जो अपने प्रोडक्ट और सर्विसेज की एडवरटाइजिंग कराना चाहता है , लेकिन वह डायरेक्ट यूट्यूब एड्स से एड चलाकर एडवरटाइजिंग करने की बजाय सीधे तौर पर किसी ऐसे यूटुबर या क्रिएटर से संपर्क करता है ,

जो एडवरटाइजिंग के प्रोडक्ट्स और सर्विसेज से मिलती – जुलती वीडियो बनाता है , और वह क्रिएटर या यूटुबर उस एडवरटाइजिंग के प्रोडक्ट या सर्विसेज का ब्रांड प्रोमोशन या एडवरटाइजिंग डायरेक्ट अपने चैनल पर वीडियो बनाकर करता है , तो वह एडवरटाइजर ब्रांड प्रोमोशन के बदले में उस क्रिएटर को उसकी ऑडियंस की रीच और व्यूज के हिसाब से पैसे देता है ,

इससे एडवरटाइजर और क्रिएटर दोनों का फायदा होता है ,
क्योंकि एडवरटाइजर को एडवर्टिजमेंट के लिए यूट्यूब एड्स के मुकाबले कम पैसे देने पड़ते हैं
और क्रिएटर को एड रेवेन्यू के मुकाबले ज्यादा पैसे मिल जाते हैं ।

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